लघुकथा

घूंघट

 ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित  " महिला सशक्तिकरण  " कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं को मंत्री जी द्वारा सम्मानित किया जा रहा था। 
 एक फुट का घूंघट डाले महिला को मोमेंटो देते हुए मंत्री जी ने न जाने किस अधिकार से महिला का घूंघट उठाते हुए कहा ,
 " अरे , इस घूँघट को हटाओ , इसका ज़माना चला गया अब। मर्दों की बराबरी करनी है , उनके कंधे से कन्धा मिला कर समाज में आगे बढ़ना है तो घूंघट हटाना ही होगा।
 महिला सकुचाते हुए शरमा कर रह गयी क्योंकि समाज में आगे बढ़ने की बात तो वो समझ गयी थी लेकिन यह न समझ पाई 
 कि उसका घूँघट किस्तों में क्यों हटा और मंत्री जी के हाथ इतने खुरदरे क्यों थे ?
©  इन्दुकांत आंगिरस