लघुकथा

अवैध एलियन

 अमेरिका द्वारा ज़ारी किये गए वीडियो को देख कर विवेकानंद ने अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस से पूछा -
 " गुरुवर , बेड़ियों में जकड़े , घिसटते हुए अमेरिकन जहाज़ में चढ़ते ये लोग दिखने में तो भारतीय ही लग रहे हैं फिर अमेरिका इन्हें अवैध एलियन क्यों कह रहा है ?" 



- " तुम ठीक कह रहे हो विवेकानंद , ये कोई एलियन नहीं भारतीय युवा हैं 
 ग़लती से ग़लत ग्रह पर उतर गए थे और मुझे तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मूर्खता पर तरस आता है कि
 जिसको इतना भी नहीं मालूम कि एलियन कभी भी अवैध नहीं हो सकते। 
 उन्हें किसी भी राष्ट्र में रहने के लिए पासपोर्ट और वीज़ा की ज़रूरत नहीं। आख़िर एलियन तो एलियन होते हैं भाई !



- " आप ठीक कह रहे हैं गुरुदेव , मुझे लगता है अमेरिका जल्दी ही अपनी भूल सुधारेगा नहीं तो 
दुनिया भर के एलियन अमेरिका में फ़ैल जायेंगे। " कहते हुए विवेकानंद ने अपनी आँखें बंद करी और एलियन संसार की साधना में लग गए।  



- इन्दुकांत आंगिरस ©